कुलदीप यादव का काउंटी क्रिकेट में कमाल, एक मैच में झटके 10 विकेट
भारतीय टीम में शामिल होने के बावजूद नियमित रूप से प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं बना पा रहे कुलदीप यादव ने इंग्लैंड के काउंटी क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। यॉर्कशायर की ओर से खेलते हुए इस बाएं हाथ के रिस्ट स्पिनर ने एसेक्स के खिलाफ मुकाबले में कुल 10 विकेट अपने नाम किए।
कुलदीप ने पहली पारी में चार और दूसरी पारी में छह विकेट लेकर मैच में 10 विकेट पूरे किए। उनकी घातक गेंदबाजी की बदौलत यॉर्कशायर ने एसेक्स को पारी और 106 रन से हरा दिया।
कुलदीप की जादुई गेंद ने दिलाई वॉर्न की याद
मैच के दौरान कुलदीप यादव ने ऐसी गेंद फेंकी, जिसकी तुलना महान ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर शेन वॉर्न की चर्चित गेंद से की जा रही है। वॉर्न ने 1993 में इंग्लैंड के बल्लेबाज माइक गैटिंग को एक अविश्वसनीय लेग-ब्रेक पर बोल्ड किया था। इस गेंद को क्रिकेट इतिहास में ‘बॉल ऑफ द सेंचुरी’ के नाम से जाना जाता है।
कुलदीप की गेंद ने भी बल्लेबाज को इसी तरह भ्रमित किया। बल्लेबाज को लगा कि गेंद ऑफ स्टंप के बाहर से निकल जाएगी, लेकिन पिच होने के बाद उसने तेजी से दिशा बदली और बल्ले तथा पैड के बीच से निकलकर स्टंप्स से जा टकराई। गिल्लियां हवा में बिखर गईं और बल्लेबाज के पास प्रतिक्रिया देने का कोई मौका नहीं बचा।
गेंद में दिखा ड्रिफ्ट, डिप और तेज टर्न
कुलदीप ने गेंद ऑफ स्टंप की लाइन पर गुड लेंथ पर डाली। गेंद हवा में आगे बढ़ते समय कुछ देर तक बल्लेबाज को बाहर जाती हुई दिखाई दी। इसके बाद उसमें लेट ड्रिफ्ट और डिप देखने को मिला। गेंद अचानक नीचे आई और पिच से टकराने के बाद करीब एक फीट तक घूम गई।
इसी बदलाव के कारण बल्लेबाज गेंद की सही लाइन और लंबाई का अंदाजा नहीं लगा सका। गेंद उसके बल्ले और पैड के बीच से निकलते हुए सीधे ऑफ स्टंप पर जा लगी।
शेन वॉर्न अपनी गेंद को लेग साइड से ऑफ साइड की ओर घुमाते थे। इसके विपरीत कुलदीप बाएं हाथ के चाइनामैन गेंदबाज हैं, इसलिए उनकी गेंद आमतौर पर ऑफ साइड से दाएं हाथ के बल्लेबाज की ओर अंदर आती है। गेंद की दिशा अलग होने के बावजूद दोनों गेंदों में बल्लेबाज को धोखा देने और आखिरी क्षण में स्टंप उखाड़ने की समानता दिखाई दी।
पहली पारी में चार, दूसरी में छह विकेट
कुलदीप यादव ने एसेक्स की पहली पारी में 70 रन देकर चार विकेट हासिल किए। दूसरी पारी में उन्होंने 50 रन खर्च कर छह बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। इस तरह उन्होंने मैच में 120 रन देकर 10 विकेट लिए।
यह प्रदर्शन कुलदीप के प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आंकड़ा बन गया है। उनके 10 विकेटों के दम पर यॉर्कशायर ने मुकाबले में एकतरफा जीत दर्ज की।
काउंटी क्रिकेट में भारतीय स्पिनर का प्रभाव
कुलदीप यादव का यह प्रदर्शन ऐसे समय आया है, जब भारतीय टीम में उनकी भूमिका को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। टीम में शामिल होने के बावजूद उन्हें कई मुकाबलों में अंतिम एकादश में जगह नहीं मिलती। काउंटी क्रिकेट में 10 विकेट लेकर कुलदीप ने अपनी गेंदबाजी क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया है और चयनकर्ताओं के सामने अपनी दावेदारी मजबूत की है।