बर्मिंघम टेस्ट: रजाउल्लाह की तूफानी शुरुआत ने जो रूट को किया आउट
नई दिल्ली: इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और आखिरी टेस्ट में पाकिस्तान की शुरुआत निराशाजनक रही। बर्मिंघम के एजबेस्टन में 9 सितंबर से शुरू हुए इस मैच में पाकिस्तान पहली पारी में मात्र 133 रनों पर ढेर हो गई। ओवरकास्ट परिस्थितियों में अंग्रेज तेज गेंदबाजों के आगे पाकिस्तानी बल्लेबाज बेबस नजर आए, लेकिन बाद में पाकिस्तानी गेंदबाजों ने जवाबी कार्रवाई की।
रजाउल्लाह का डेब्यू: 143 किमी/घंटा की रफ्तार और जो रूट का विकेट
पाकिस्तान की तरफ से नए चेहरे के रूप में 21 वर्षीय रजाउल्लाह ने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। उनके डेब्यू की शुरुआत ही धमाकेदार रही
- पहली गेंद: 143.2 किमी/घंटा की रफ्तार
- तीसरी गेंद: 144.8 किमी/घंटा
- चौथी गेंद: इंग्लैंड के कप्तान जो रूट को LBW आउट किया, महज 8 रन पर
रजाउल्लाह ने अपने पहले ही ओवर में जो रूट को आउट करके सभी का ध्यान खींच लिया।
तूफानी गेंदबाजी: हैरी ब्रूक और एमिलियो गे भी हुए आउट
रजाउल्लाह ने जो रूट के बाद भी अपनी रफ्तार बनाए रखी और लगातार 140 किमी/घंटा से ऊपर की गेंदें डालीं।
- हैरी ब्रूक: रजाउल्लाह की तेज गेंद से ब्रूक जमीन पर गिर पड़े, हालांकि वह बाद में 52 रन बनाकर नाबाद रहे।
- एमिलियो गे: पाकिस्तान के दूसरे शिकार बने एमिलियो गे, जिन्होंने 60 रन बनाए थे।
रजाउल्लाह ने 9 ओवर में 2-42 के आंकड़े लौटाए।
महज 8 फर्स्ट-क्लास मैचों का अनुभव
रजाउल्लाह का पृष्ठभूमि और भी चौंकाने वाला है:
- फर्स्ट-क्लास अनुभव: केवल 8 मैच, जिनमें 30 विकेट (औसत 20.86) और तीन बार पांच विकेट haul
- डेब्यू सीजन: 2025-26 सीजन में पेशावर और साहिर एसोसिएट्स के लिए खेला
- PSL: इस सीजन में रावलपिंडीज के लिए दो मैच खेले, 3 विकेट लिए लेकिन इकॉनमी रेट 12.45 रहा
- बल्लेबाजी: फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में एक शतक और अर्धशतक भी लगाया है
यदि पाकिस्तान क्रिकेट में हालिया भ्रष्टाचार कांड में सात खिलाड़ियों को निलंबित नहीं किया जाता, तो शायद रजाउल्लाह को इतनी जल्दी टेस्ट कैप नहीं मिलती।
सोशल मीडिया पर वायरल: वकार युनिस से तुलना
रजाउल्लाह की गेंदबाजी एक्शन और रफ्तार ने सोशल मीडिया पर तुलनाएं शुरू कर दीं:
- कई प्रशंसकों ने उनके एक्शन और डील-डौल में पूर्व पाकिस्तानी कप्तान वकार युनिस से समानताएं देखीं।
- स्टुअर्ट ब्रॉड और नासिर हुसैन जैसे दिग्गजों ने भी रजाउल्लाह की तारीफ की और कहा कि पाकिस्तान में टैलेंट की कमी नहीं है।
हेड कोच और कप्तान भी थे अनजान
मैच से एक दिन पहले जब हेड कोच माइक हेसन से रजाउल्लाह के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्वीकार किया कि वे उनके बारे में ज्यादा नहीं जानते। कप्तान बाबर आजम ने भी साफ किया कि उन्हें नहीं पता था कि टीम में कौन आया और क्यों चुना गया।
यह पाकिस्तान क्रिकेट की विडंबना है कि देश के पास ‘रॉ टैलेंट’ तो है, लेकिन उसे सही समय पर पहचानने और तराशने की व्यवस्था कमजोर है।